पुराने बहीखाते · Back accounting cleanup
रुके हुए बहीखाते एक ही बार में नहीं भरते, वे वर्ष-दर-वर्ष दोबारा खड़े किए जाते हैं
जिस कंपनी में कई वर्षों से ठीक से लेखा नहीं हुआ, उसे सँभालते समय डर काम की मात्रा का नहीं बल्कि गलत क्रम का होना चाहिए। जब तक आरंभिक शेष तय नहीं होते, हर अगला वर्ष एक अनुमान पर टिका रहता है और एक वर्ष में सुधार होते ही पूरी शृंखला दोबारा बनानी पड़ती है। इसलिए हम पहले मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेते हैं, तय करते हैं कि किस वर्ष को भरोसेमंद आरंभ बिंदु माना जाए, और वहीं से आगे बढ़ते हैं।
बहीखाते टूटने के संकेत
- बैंक विवरण और बही शेष लंबे समय से अलग हैं और अंतर कोई नहीं समझा पाता
- पिछले कुछ वर्षों की लेखा-परीक्षित रिपोर्ट नहीं है, या उसके आँकड़े भीतरी बही से मेल नहीं खाते
- खरीद के बिल अलग-अलग कर्मचारियों के पास बिखरे हैं, खरीद और भुगतान जोड़े नहीं जा सकते
- साझेदारों का निजी भुगतान और कंपनी का खर्च एक ही खाते से होता रहा है
- वेतन बँटा है पर कुछ महीनों की सामाजिक सुरक्षा और कटौती की विवरणियाँ नहीं भरीं
पुनर्रचना का क्रम
सबसे पहले आधार वर्ष चुना जाता है, यानी वह अंतिम तुलन पत्र जिस पर भरोसा किया जा सके, प्रायः वह वर्ष जिसकी लेखा-परीक्षा हुई थी। फिर बैंक विवरण को धुरी बनाकर वर्ष दर वर्ष नकदी का प्रवाह मिलाया जाता है और उसके ऊपर लेनदेन के प्रमाण रखे जाते हैं। इसके बाद लेनदार-देनदार और भंडार लिए जाते हैं, जहाँ हर पुराने शेष पर निर्णय लिखा जाता है। कर की पुनर्गणना और विलंबित विवरणी अंत में आती हैं। इन चरणों को छोड़कर केवल नया वर्ष बनाने पर काम लगभग हमेशा लेखा-परीक्षा में लौट आता है।
प्रमाण गुम हों तो विकल्प क्या
मूल बिल खो जाने से पूरी अवधि बेकार नहीं हो जाती। बैंक विवरण, आपूर्तिकर्ता से दोबारा लिया गया शेष पुष्टि पत्र, अनुबंध और प्राप्ति रिपोर्ट, लिखित पत्राचार, सीमा शुल्क तथा परिवहन के कागज़ मिलकर प्रमाण की एक कड़ी बनाते हैं। फिर भी कर में कटौती कितनी मिलेगी यह मद के अनुसार बदलता है, सबको एक जैसा नहीं माना जा सकता। हम राशियों को कटौती योग्य, विवादास्पद और अस्वीकार्य तीन भागों में बाँटकर दिखाते हैं ताकि जोखिम दाखिल करने से पहले दिखे, जाँच के समय नहीं।
स्वयं आगे आना बनाम पकड़े जाना
समय के बाद दाखिल करने पर अधिभार और ब्याज लगता है जो महीने-दर-महीने बढ़ता है। व्यवहार में स्वयं आकर विवरणी भरने और जाँच में पकड़े जाने के बाद भुगतान करने को एक समान नहीं देखा जाता। पहली स्थिति में मामला अपेक्षाकृत हल्के भार के साथ बंद होने की गुंजाइश रहती है, दूसरी में जाँच का दायरा प्रायः फैल जाता है। इसलिए गड़बड़ी दिखते ही आँकड़े जल्दी पक्के करके जल्दी जमा करना कुल लागत घटाता है। गणना, दस्तावेज़ और पत्राचार हम सँभालते हैं, अंतिम निर्णय निदेशक का रहता है।
ताकि यह स्थिति दोबारा न बने
काम पूरा होने पर हम खाता सूची, प्रमाणों की फाइलिंग का नियम और हर महीने की अंतिम तिथि सौंपते हैं, साथ ही दस्तावेज़ भेजने का तरीका तय करते हैं। बहीखाते अक्सर कारोबार की जटिलता से नहीं, बल्कि मासिक लय न होने से बिगड़ते हैं। मासिक लेखांकन शुरू हो जाने पर वार्षिक बंदी केवल तैयार बारह महीनों को जोड़ने का काम रह जाती है, हर साल की बचाव कवायद नहीं।
कोटेशन का आधार
अनुमान इस पर निर्भर करता है कि कितने वर्ष दोबारा बनाने हैं, प्रति वर्ष कितनी प्रविष्टियाँ हैं, कितने बैंक खाते और विदेशी मुद्रा के लेनदेन हैं, तथा प्रमाणों की कमी कितनी गहरी है। अंतिम लेखा-परीक्षा रिपोर्ट, हर खाते का विवरण और उपलब्ध प्रमाणों की सूची भेजिए, बदले में चरणबद्ध कार्य योजना और समय-सारणी मिलेगी। मूल्य प्रकाशित नहीं होते, केवल लिखित कोटेशन मान्य है।
थाईलैंड में लेखांकन और कर: सामान्य प्रश्न
थाईलैंड में कंपनी चलाने वाले भारतीय व्यवसायों के लिए बहीखाता, वैट, सामाजिक सुरक्षा और वार्षिक लेखा-जोखा से जुड़े उत्तर। शुल्क दस्तावेज़ों की मात्रा के अनुसार अलग-अलग तय होता है।
थाई कंपनी को हर महीने कौन-से विवरण दाखिल करने होते हैं?
वैट पंजीकृत कंपनी हर माह PP.30 दाखिल करती है; स्रोत पर कर कटौती होने पर PP.53 या PP.1 भी। कर्मचारी होने पर सामाजिक सुरक्षा विवरण भी देना होता है।
क्या हिंदी में बातचीत संभव है?
हाँ। चर्चा और रिपोर्टिंग हिंदी या अंग्रेज़ी में होती है, जबकि खाते और रिटर्न कानून के अनुसार थाई प्रारूप में तैयार किए जाते हैं।
बिना कारोबार के भी रिटर्न ज़रूरी है?
हाँ। शून्य रिटर्न और वार्षिक वित्तीय विवरण के साथ PND.50 अनिवार्य है; देरी पर जुर्माना और ब्याज लगता है।
पुराने खाते अधूरे हों तो क्या करें?
पहले छूटी अवधि के खाते पूरे किए जाते हैं, फिर संशोधित रिटर्न की आवश्यकता तय होती है और उसके बाद मासिक प्रक्रिया शुरू होती है।
क्या हर साल ऑडिट अनिवार्य है?
हाँ, थाई लिमिटेड कंपनी के वार्षिक विवरण लाइसेंस प्राप्त ऑडिटर से प्रमाणित कराकर कर विभाग और व्यवसाय विकास विभाग में जमा करने होते हैं।
प्रस्ताव के लिए क्या भेजना होगा?
कंपनी पंजीकरण दस्तावेज़, वैट स्थिति, हाल के लेखा आँकड़े या बैंक विवरण और कर्मचारी संख्या भेजें; कार्यभार देखकर व्यक्तिगत प्रस्ताव दिया जाएगा।
हम ग्राहकों को वास्तव में क्या भेजते हैं और कहाँ सेवा देते हैं
हर महीने की क्लोजिंग के बाद आपका लेखाकार वही सेट भेजता है: हिंदी टिप्पणियों सहित मासिक सारांश, PP.30 और PND की ई-फाइलिंग रसीदें, छूटे हुए दस्तावेज़ों की सूची और अगली समय-सीमा की याद। वार्षिक क्लोजिंग पर वित्तीय विवरण का मसौदा और शेयरधारक बैठक के दस्तावेज़ जुड़ते हैं। मूल दस्तावेज़ डाक से या तय समय पर पिकअप द्वारा लिए जाते हैं।
- हिंदी टिप्पणियों सहित मासिक सारांश
- वैट और स्रोत-कर फाइलिंग रसीदें
- छूटे दस्तावेज़ों की सूची और उन्हें जुटाने का तरीका
- वार्षिक विवरण का मसौदा और जमा करने की समय-सारणी
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